सार ●कक्षा 12 ●अध्याय 2
प्रवास : प्रकार, कारण और परिणाम अध्याय का सार प्रवास का अर्थ- व्यक्तियों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की घटना को प्रवास कहते हैं। प्रवास के प्रकार 1. स्थाई 2. अस्थाई 3. मौ समी प्रवास की धाराएं- प्रवास की धाराओं को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है- अंतर्राष्ट्रीय प्रवास- अंतर्राष्ट्रीय प्रवास जब कोई व्यक्ति एक देश से दूसरे देश में प्रवेश करता है तो उसे अंतर्राष्ट्रीय प्रवास कहते हैं। उदाहरण के लिए यदि भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति भारत से जापान चला जाए तो इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रवास कहा जाएगा। आंतरिक प्रवास- जब एक व्यक्ति द्वारा एक देश के अंदर एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में प्रवास किया जाता है तो इसे आंतरिक प्रवास कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति यदि भारत के एक क्षेत्र से किसी दूसरे क्षेत्र में चला जाए तो इसे आंतरिक प्रवास माना जाएगा। भारत में आंतरिक प्रवास को मुख्य 4 धाराओं को पहचाना गया है- नगर से नगर नगर से गांव गांव से नगर गांव से गांव प्रवास करने के कारण प्रतिकर्ष ...