सार ▪ कक्षा 10▪ अध्याय 1
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"संसाधन एवं विकास" अध्याय का सार
जैव संसाधन: जीवमंडल से प्राप्त होने वाले ऐसे संसाधन जिनमें जीवन व्याप्त है, जैव संसाधन कहलाते हैं।
अजैव संसाधन: निर्जीव वस्तुओं से बने संसाधन अजैव संसाधन कहलाते हैं।
नवीकरणीय
संसाधन: ऐसे संसाधन जिन्हें भौतिक, रासायनिक या
यांत्रिक क्रियाओं द्वारा पुनः नवीकृत या उत्पन्न किया जा सकता है।
अनवीकरणीय संसाधन: ऐसे संसाधन जिन्हें पुनः नवीकृत नहीं किया जा सकता है।
व्यक्तिगत संसाधन: निजी स्वामित्व वाले संसाधन व्यक्तिगत संसाधन कहलाते हैं।
सामुदायिक संसाधन: ऐसे संसाधन जिनका उपयोग समुदाय के सभी लोग करते हैं, सामुदायिक संसाधन कहलाते हैं।
राष्ट्रीय संसाधन: किसी भी प्रकार के संसाधन जो राष्ट्र की भौगोलिक सीमा के भीतर मौजूद हों, राष्ट्रीय संसाधन होते हैं। व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक संसाधनों को राष्ट्रहित में सरकार द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है।
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भूमि निम्नीकरण: विभिन्न प्राकृतिक तथा मानवीय क्रियाकलापों द्वारा मृदा का कृषि के योग्य न रह जाना।
निवल अथवा शुद्ध बोया गया क्षेत्र: वह क्षेत्र जहां वर्ष में एक बार या एक से अधिक बार खेती की गई हो।
परती भूमि: भूखंड जिस पर कुछ समय खेती नहीं की जाती और खाली छोड़ दिया जाता है।
बंजर भूमि: वह भूखंड जिस पर कोई पैदावार नहीं होती तथा जो पहाड़ी, रेतीली अथवा दलदली होती है।
● पुरानी जलोढ़ को बांगर एवं नई जलोढ़ मिट्टी को खादर कहा जाता है।
● वर्ष 1992 में ब्राजील के शहर रियो डी जेनेरो में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन विश्व स्तर पर उभरते पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक आर्थिक विकास की समस्याओं का हल ढूंढने के लिए किया गया था।
● संसाधन एवं विकास प्रश्नोत्तर देखने के लिए क्लिक कीजिए → प्रश्नोत्तर




Very nice sir ji
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